Wednesday, August 13, 2008

महिला काजी ने पढ़ाया निकाह!

एक खबर बताना चाहती हूं, लखनउ में एक महिला ने निकाह पढ़ाया है। खास यह है कि ये निकाह भारतीय मुसलिम महिला आंदोलन की अध्यक्ष नाइस हसन और इमरान का था। इस निकाह में कई बातें नये तौर तरीकों से हुई। जैसे निकाह पढ़ाने वाली महिला डा साईदा हमीद जो प्लानिंग कमीषन की सदस्य हैं। इसके अलावा निकाह कराते समय अंग्रेजी के वर्ड्स का अधिक प्रयोग हुआ। डा साईदा हमीद कहती है कि निकाह दो लोगों के बीच होने वाला एक एग्रीमेंट है जिनमें किसी मौलवी का होना जरूरी नहीं है। इसे मौलवी लोग खुले दिल से स्वीकर लेंगे, वक्त बतायेंगा लेकिन ,मजेदार यह है कि निकाह में मुसलिम महिला परसनल ला बोर्ड की अध्यक्ष साहिस्ता अंबर भी मौजूद रहीं। अब इस पर हंगामा न मचे कि महिलाएं काजी नहीं हो सकती है। वैसे जब समाज के ठेकेदारों की बात होती है वहां हल्ला गुल्ला मचना लाजमी है।

6 comments:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सुबह पेपर में पढ़ा था .बहुत अच्छा लगा यह पढ़ कर

सुनीता शानू said...

महिलाएं कहाँ नहीं है,चलिये एक जगह और हुई अच्छा लगा,बवाल तो जरूर हो सकता है मगर वक्त के साथ खत्म भी होगा,जमाना जो बदला है मानसिकता भी बदलनी ही होगी...

ilesh said...

ek aur jagah mahila ne pravesh kar liya....me nahi manta ki us par jyada aapti aaye kyunki education ke badhte huye vaicharik parivartan bhi aaya he....ha thodi bahot halchal to hongi kyunki maulviyo ke adhikar par ye tarap he magar jyada hangama hoga aisa nahi lagta...keep it up Naari....

deepak said...

koun kata hai asman main surag nahin ho sakta. ek patthar to tabiyat se uchchalo yaro.
apni takdir badalne ko mahilaine aage ayaenge to badlav bhi hoga

Udan Tashtari said...

शुभ समाचार है जी. बहुत बढ़िया.

Hari said...

महिलाएं जब अंतरिक्ष में जा सकती हैं तो ये तो बहुत छोटा काम है लेकिन कठमुल्लों के सामने खड़े होने की दिलेरी को मेरा सलाम