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Sunday, February 15, 2009

लुक ऐ बिट हायर

दिल्ली रेडियो के लिये जब विश्व के कुछ लोकगीत अनुवाद करके एक धारावाहिक क्रम में प्रस्तुत किये गये तो उन्हें पुस्तक रूप में प्रकाशित करते समय वह पुस्तक `आशमा` हो ची मिन्ह के शब्द दोहराते हुए उन्हें ही अर्पण कर दी। फिर मुझे हो ची मिन्ह का तार मिला जिसमें उनकी ‘शुभ कामनाएं थीं। मन की दशा कुछ बदली। साथ ही एक अंग्रेजी फिल्म याद आ गई जिसमें महारानी एलिजाबेथ को जिस नवयुवक से प्रेम हो जाता है, उसे वह समंदरी जहाज दे कर एक काम सोंपती है, जहाज जब रफ्तार पकड़ता है महारानी दूर से जहाज को दूरबीन लगा कर देखती है। जहाज का नजारा महारानी को परेशान कर देता है। देखती है कि नौजवान की प्रेमिका भी जहाज में उसके साथ है, वे दोनों डैक पर हैं। उस समय महारानी को परेशान देख कर उनका शुभ चिन्तक कहता है, मैंडम ! लुक ए बिट हायर! उपर , उस नवयुवक और उसकी प्रेमिका के सिरों के उपर महारानी के राज्य का झंडा लहरा रहा था।
अमृता की डायरी के प्रष्ट का एक छोटा सा हिस्सा है।
कमजोर पल हर किसी की जिंदगी में आते है लेकिन जिंदगी चलती रहती है। जिंदगी की परेशानिओं से उपर देखने की आदत होने लगती है