जिन वजहों से ........
पानियों में कभी बहे ........
वो वजहें अब पानियों में बह गई हैं ........
अब ........
उन पानियों के दो किनारे बन .......
पानियों में ......
उन वजहों को टटोलते हैं .......
पर हर बार हाथ खाली ही रहते हैं .......
थक कर खड़े होते हैं .......
पानियों में अपनी अपनी परछाई ........
देख पानी पर चलने की कोशिश करते .......
लेकिन पानियों पर चलने को राजी नहीं होते कदम .......